हड़प्पा सभ्यता

हड़प्पा सभ्यता (Harappan Civilization) और हड़प्पा नगर का विस्तृत इतिहास

1. विस्तृत प्रस्तावना: हड़प्पा सभ्यता क्या है?

प्राचीन भारतीय इतिहास में जब भी विश्व की सबसे उन्नत और पहली नगरीय संस्कृति की बात होती है, तो हड़प्पा सभ्यता (Harappan Civilization) का नाम सबसे पहले लिया जाता है।

पुरातत्व विज्ञान (Archaeology) का एक सर्वमान्य नियम है कि किसी भी अज्ञात सभ्यता का नामकरण उस स्थान के नाम पर किया जाता है, जहाँ सबसे पहले खुदाई होती है। चूंकि सिंधु घाटी में खोजा गया सबसे पहला पुरातात्विक स्थल ‘हड़प्पा’ (Harappa) था, इसीलिए पूरी सिंधु घाटी सभ्यता को तकनीकी और ऐतिहासिक रूप से हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है।

यह हड़प्पा सभ्यता कांस्य युग (Bronze Age) और आद्य-ऐतिहासिक काल (Proto-Historic Period) से संबंधित है, क्योंकि इन लोगों को लिपि (Script) का ज्ञान तो था, लेकिन हम उसे आज तक पढ़ नहीं पाए हैं।

2. हड़प्पा नगर की खोज का रोमांचक इतिहास

हड़प्पा सभ्यता के सबसे प्रमुख नगर ‘हड़प्पा’ की खोज एक दिन में नहीं हुई थी। इसके पीछे एक लंबा इतिहास है:

  • 1826 ई.: चार्ल्स मैसन (Charles Masson) ने सबसे पहले हड़प्पा के विशाल टीलों का दौरा किया और अपनी पत्रिका में इसका उल्लेख किया।

  • 1853 और 1873 ई.: भारतीय पुरातत्व के जनक ‘अलेक्जेंडर कनिंघम’ (Alexander Cunningham) ने हड़प्पा का सर्वेक्षण किया। उन्हें यहाँ से वृषभ (Bull) की आकृति वाली एक मुहर भी मिली, लेकिन वे इस हड़प्पा सभ्यता की प्राचीनता का सही अंदाजा नहीं लगा सके।

  • 1921 ई. – वास्तविक खोज: सर जॉन मार्शल के नेतृत्व में भारतीय पुरातत्वविद् दयाराम साहनी (Daya Ram Sahni) ने हड़प्पा का विधिवत उत्खनन शुरू किया और दुनिया के सामने हड़प्पा सभ्यता की आधिकारिक घोषणा की।

3. हड़प्पा नगर की भौगोलिक स्थिति (Location of Harappa)

हड़प्पा नगर वर्तमान में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ‘मोंटगोमरी’ (Montgomery – वर्तमान नाम साहीवाल) जिले में स्थित है।

  • यह नगर रावी नदी (Ravi River) के बाएँ तट पर बसा हुआ था। (अक्सर छात्र इसे सिंधु नदी के तट पर मानकर गलती कर देते हैं, जबकि यह रावी नदी पर था)।

  • यह हड़प्पा सभ्यता का दूसरा सबसे बड़ा नगर था (मोहनजोदड़ो के बाद) और इसे इस विस्तृत साम्राज्य की ‘अर्ध-औद्योगिक राजधानी’ (Semi-industrial Capital) माना जाता है। स्टुअर्ट पिगट ने हड़प्पा और मोहनजोदड़ो को एक विस्तृत साम्राज्य की “जुड़वां राजधानियां” (Twin Capitals) कहा था।

4. हड़प्पा नगर का नियोजन (Town Planning of Harappa)

हड़प्पा सभ्यता की सबसे बड़ी पहचान उसका ग्रिड पैटर्न (Grid Pattern) पर आधारित नगर नियोजन है। हड़प्पा नगर मुख्य रूप से दो भागों में बंटा हुआ था:

  1. पश्चिमी टीला (दुर्ग / Citadel): यह एक ऊंचे चबूतरे पर बना था और इसे चारों ओर से एक रक्षा प्राचीर (Defensive wall) से घेरा गया था। यहाँ शासक वर्ग या पुरोहित रहते थे। मार्टिमर व्हीलर ने इस टीले को ‘माउंट एबी’ (Mount AB) नाम दिया था।

  2. पूर्वी टीला (निचला नगर / Lower Town): यह दुर्ग से बड़ा था लेकिन ऊंचाई में कम था। यहाँ आम जनता (व्यापारी, शिल्पकार, किसान) रहती थी।

5. हड़प्पा से प्राप्त प्रमुख पुरातात्विक साक्ष्य (Major Findings)

UPSC की परीक्षाओं में हड़प्पा सभ्यता के इस विशिष्ट स्थल से मिलने वाली वस्तुओं के बारे में गहराई से पूछा जाता है। हड़प्पा से निम्नलिखित महत्वपूर्ण चीजें मिली हैं:

  • अन्नागार (The Great Granaries): हड़प्पा के दुर्ग के बाहर, रावी नदी के पास 6-6 की दो पंक्तियों में कुल 12 कक्षों वाला एक विशाल अन्नागार मिला है। यह अनाज (गेहूं और जौ) को सुरक्षित रखने का गोदाम था।

  • श्रमिक आवास (Workmen’s Quarters): अन्नागार के पास ही छोटे-छोटे घरों की पंक्तियां मिली हैं, जिन्हें मजदूरों या दासों का आवास माना जाता है।

  • वृत्ताकार चबूतरे (Circular Platforms): यहाँ ईंटों से बने 18 वृत्ताकार चबूतरे मिले हैं, जिनकी दरारों में गेहूं और जौ की भूसी मिली है। इससे सिद्ध होता है कि यहाँ अनाज कूटने/साफ करने का काम होता था।

  • कब्रिस्तान (Cemeteries): हड़प्पा के निचले नगर के दक्षिण में एक बड़ा कब्रिस्तान मिला है जिसे पुरातात्विक भाषा में ‘समाधि R-37’ (Cemetery R-37) नाम दिया गया है। इसके अलावा यहाँ से ‘H-संस्कृति’ (Cemetery H) के भी साक्ष्य मिले हैं।

  • श्रृंगार पेटी (Vanity Box): महिलाओं के उपयोग के लिए एक श्रृंगार पेटी, कांसे का दर्पण (Bronze Mirror) और काजल की डिब्बी (Kohl) यहाँ से प्राप्त हुई है।

  • पीतल की इक्का-गाड़ी (Brass/Copper Chariot): तांबे/पीतल से बनी एक खिलौना गाड़ी हड़प्पा से प्राप्त हुई है।

हड़प्पा सभ्यता

6. हड़प्पा सभ्यता की अर्थव्यवस्था और समाज (Economy & Society)

हड़प्पा सभ्यता एक शांतिप्रिय और व्यापारिक समाज था।

  • कृषि: हड़प्पा के अन्नागारों से सिद्ध होता है कि यहाँ की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि था। ये लोग बाढ़ का पानी उतरने के बाद नवंबर में बीज बोते थे और अप्रैल में फसल (गेहूं, जौ, सरसों, कपास) काट लेते थे।

  • व्यापार और मुहरें (Seals): हड़प्पा से सर्वाधिक संख्या में अभिलेख युक्त (Written) मुहरें प्राप्त हुई हैं। ये मुहरें मुख्य रूप से ‘सेलखड़ी’ (Steatite) पत्थर की बनी होती थीं और इनका आकार वर्गाकार (Square) होता था।

  • समाज: हड़प्पा से प्राप्त स्त्री मरणमूर्तियों (Terracotta figurines) की अधिकता यह दर्शाती है कि हड़प्पा सभ्यता का समाज ‘मातृसत्तात्मक’ (Matriarchal) था।

7. हड़प्पा की विशिष्ट कला और धर्म (Art & Religion)

  • उर्वरता की देवी (Goddess of Earth): हड़प्पा से एक अत्यंत प्रसिद्ध मुहर (Seal) मिली है जिसमें एक स्त्री के गर्भ से एक पौधा (Plant) निकलता हुआ दिखाया गया है। इतिहासकार इसे ‘पृथ्वी माता’ या उर्वरता की देवी (Goddess of Fertility) मानते हैं।

  • पोटरी (Pottery): हड़प्पा सभ्यता के लोग लाल रंग के मिट्टी के बर्तन (Red Pottery) बनाते थे और उन पर काले रंग (Black color) से चित्रकारी करते थे। इन बर्तनों पर पेड़-पौधों, पक्षियों और वृत्त के चित्र उकेरे गए हैं।

  • शवाधान (Burial Practices): हड़प्पा में मृतकों को दफनाने (Burial) की प्रथा सबसे अधिक प्रचलित थी। शव को उत्तर-दक्षिण दिशा (सिर उत्तर में, पैर दक्षिण में) में लिटाया जाता था और उसके साथ मिट्टी के बर्तन और आभूषण भी दफनाए जाते थे, जो पुनर्जन्म में उनके विश्वास को दर्शाता है।

8. निष्कर्ष (Conclusion)

हड़प्पा सभ्यता केवल ईंटों और खंडहरों का समूह नहीं है, बल्कि यह मानव इतिहास में ‘नगरीकरण’ (Urbanization) का प्रथम और सबसे शानदार अध्याय है। हड़प्पा नगर के अन्नागार, श्रमिक आवास और जल-निकासी प्रणाली यह सिद्ध करते हैं कि उनका प्रशासनिक ढांचा (Administrative Setup) अत्यंत कुशल था। जब हम हड़प्पा सभ्यता के R-37 कब्रिस्तान या उर्वरता की देवी की मुहर का अध्ययन करते हैं, तो हमें उनके गहन दार्शनिक और धार्मिक चिंतन का पता चलता है। आज भी आधुनिक नगर नियोजन में हड़प्पा का ग्रिड सिस्टम एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जाता है।

9. अभ्यास प्रश्न (PYQ Type Practice Questions for Mains)

प्रश्न 1: सिंधु घाटी सभ्यता को तकनीकी रूप से हड़प्पा सभ्यता क्यों कहा जाता है? हड़प्पा नगर की खोज के इतिहास का संक्षिप्त वर्णन करें। (150 शब्द)

प्रश्न 2: हड़प्पा नगर के ‘नगर नियोजन’ (Town Planning) और उसके दुर्ग (Citadel) क्षेत्र की प्रमुख विशेषताओं का विश्लेषण कीजिए। (200 शब्द)

प्रश्न 3: हड़प्पा स्थल से प्राप्त प्रमुख पुरातात्विक साक्ष्यों (जैसे अन्नागार, R-37 कब्रिस्तान) का वर्णन करते हुए, उस समय की अर्थव्यवस्था और समाज पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

प्रश्न 4: हड़प्पा सभ्यता की मुहरों (Seals) और मृदभांडों (Pottery) की कलात्मक विशेषताओं का मूल्यांकन करें। (150 शब्द)

प्रश्न 5: हड़प्पा से प्राप्त ‘उर्वरता की देवी’ की मुहर और शवाधान (दफनाने) की प्रथाओं के आधार पर हड़प्पा सभ्यता के धार्मिक विश्वासों की विवेचना कीजिए। (200 शब्द)

10. परीक्षा के लिए 50 अति महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (Mega Quick Revision Notes)

  1. सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे पहला खोजा गया स्थल ‘हड़प्पा’ था, इसीलिए इसे हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है।

  2. हड़प्पा के टीलों की ओर सबसे पहले 1826 ई. में चार्ल्स मैसन (Charles Masson) ने ध्यान आकर्षित किया था।

  3. अलेक्जेंडर कनिंघम (Alexander Cunningham) को हड़प्पा से एक वृषभ (सांड) की आकृति वाली मुहर प्राप्त हुई थी।

  4. हड़प्पा सभ्यता की विधिवत और वैज्ञानिक खोज 1921 में दयाराम साहनी द्वारा की गई।

  5. हड़प्पा वर्तमान में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ‘मोंटगोमरी’ (साहीवाल) जिले में स्थित है।

  6. हड़प्पा नगर ‘रावी नदी’ (Ravi River) के बाएँ तट पर बसा हुआ था।

  7. स्टुअर्ट पिगट ने हड़प्पा और मोहनजोदड़ो को हड़प्पा सभ्यता की “जुड़वां राजधानियां” (Twin Capitals) कहा था।

  8. हड़प्पा नगर का पश्चिमी भाग (दुर्ग) ऊँचाई पर था, जिसे मार्टिमर व्हीलर ने ‘माउंट एबी’ (Mount AB) नाम दिया था।

  9. हड़प्पा के दुर्ग के बाहर 6-6 कक्षों की दो पंक्तियों में कुल ’12 अन्नागार’ (Granaries) मिले हैं।

  10. हड़प्पा के अन्नागारों (Granaries) का मुख्य द्वार रावी नदी की ओर खुलता था ताकि अनाज को नावों से लाया जा सके।

  11. अन्नागार के पास ही ईंटों से बने 18 ‘वृत्ताकार चबूतरे’ (Circular platforms) प्राप्त हुए हैं, जहाँ अनाज कूटा जाता था।

  12. इन चबूतरों की दरारों से गेहूं और जौ (Wheat and Barley) की भूसी प्राप्त हुई है।

  13. हड़प्पा से दासों या मजदूरों के रहने के लिए ‘श्रमिक आवास’ (Workmen’s Quarters) के साक्ष्य मिले हैं।

  14. हड़प्पा नगर के दक्षिण में एक बहुत बड़ा कब्रिस्तान मिला है, जिसे ‘कब्रिस्तान R-37’ (Cemetery R-37) नाम दिया गया है।

  15. हड़प्पा सभ्यता के परवर्ती (बाद के) काल का एक और कब्रिस्तान यहाँ से मिला है, जिसे ‘कब्रिस्तान H’ (Cemetery H) कहा जाता है।

  16. हड़प्पा से महिलाओं के उपयोग का एक ‘कांसे का दर्पण’ (Bronze Mirror) प्राप्त हुआ है।

  17. तांबे / पीतल से बनी एक इक्का-गाड़ी (खिलौना) हड़प्पा से खुदाई में मिली है।

  18. हड़प्पा से एक मुहर मिली है जिसमें एक स्त्री के गर्भ से एक पौधा निकल रहा है, इसे ‘उर्वरता की देवी’ (Goddess of Earth) माना जाता है।

  19. सर्वाधिक ‘अभिलेख युक्त मुहरें’ (Seals with writing) हड़प्पा स्थल से ही प्राप्त हुई हैं।

  20. हड़प्पा सभ्यता की मुहरें मुख्य रूप से ‘सेलखड़ी’ (Steatite) नामक मुलायम पत्थर से बनाई जाती थीं।

  21. हड़प्पा की मुहरों का सबसे प्रचलित आकार वर्गाकार (Square) होता था।

  22. हड़प्पा से प्राप्त मुहरों पर सबसे अधिक अंकन ‘एक सींग वाले पशु’ (Unicorn) का मिलता है।

  23. हड़प्पा सभ्यता के लोग लाल रंग के मिट्टी के बर्तन (Red Pottery) बनाते थे।

  24. इन लाल बर्तनों पर काले रंग (Black Color) से चित्रकारी की जाती थी।

  25. हड़प्पा से ‘काजल की डिब्बी’ और एक शंख (Shell) से बना हुआ बैल प्राप्त हुआ है।

  26. हड़प्पा में शवों को दफनाने (Burial) की प्रथा थी, जिसमें सिर उत्तर की ओर और पैर दक्षिण की ओर रखे जाते थे।

  27. कब्रों में शवों के साथ आभूषण और मिट्टी के बर्तन दफनाए जाते थे, जो पुनर्जन्म (Life after death) में उनके विश्वास को दर्शाता है।

  28. लकड़ी के एक ताबूत (Wooden Coffin) में दफनाए गए शव का एकमात्र साक्ष्य हड़प्पा से मिला है।

  29. हड़प्पा सभ्यता को कांस्य युगीन (Bronze Age) सभ्यता कहा जाता है क्योंकि इन्होंने तांबे में टिन मिलाकर कांसा बनाना सीख लिया था।

  30. हड़प्पा से पत्थर (Chert) के बने हुए ‘घनाकार’ (Cubical) बाट (Weights) प्राप्त हुए हैं।

  31. यह सभ्यता ‘आद्य-ऐतिहासिक काल’ (Proto-Historic) में आती है, क्योंकि इसकी लिपि अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है।

  32. हड़प्पा सभ्यता की लिपि भावचित्रात्मक (Pictographic) थी, जिसे ‘बौस्ट्रोफेडन’ (Boustrophedon) शैली में लिखा जाता था।

  33. हड़प्पा से ‘पांसे’ (Dice) प्राप्त हुए हैं, जो यह बताते हैं कि जुआ/पासा उनका एक प्रमुख मनोरंजन था।

  34. हड़प्पा से प्राप्त स्त्री मृण्मूर्तियों (Terracotta figurines) की अधिकता के कारण इस समाज को मातृसत्तात्मक माना गया है।

  35. हड़प्पा की जल निकासी प्रणाली (Drainage system) पकी ईंटों (Baked bricks) से बनी और ढकी हुई होती थी।

  36. हड़प्पा से ‘खरगोश’ का चित्र वाली एक मुद्रा भी प्राप्त हुई है।

  37. सूती कपड़े (Cotton cloth) के रेशे हड़प्पा से भी प्राप्त हुए हैं।

  38. हड़प्पा सभ्यता के लोग लोहे (Iron) धातु और तलवार (Swords) से अपरिचित थे।

  39. हड़प्पा के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि और मेसोपोटामिया (इराक) के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार था।

  40. हड़प्पा की सड़कों का निर्माण एक ‘ग्रिड पैटर्न’ (Grid Pattern) पर किया गया था, जो एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं।

  41. हड़प्पा में घरों के दरवाजे मुख्य सड़क पर न खुलकर पीछे की संकरी गलियों में खुलते थे।

  42. हड़प्पा से प्राप्त बाटों (Weights) का अनुपात 16 के गुणक (Multiples of 16) में होता था।

  43. हड़प्पा के बर्तनों पर वृत्त (Circles), पेड़ (मुख्यतः पीपल) और मछलियों की आकृतियां उकेरी गई हैं।

  44. एक बर्तन पर ‘मछुआरे’ (Fisherman) का चित्र भी हड़प्पा से ही मिला है।

  45. हड़प्पा में किसी भी मंदिर (Temple) या पुरोहितों के महल का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

  46. गधे और कुत्ते की हड्डियों के प्रमाण भी हड़प्पा के उत्खनन से मिले हैं।

  47. हड़प्पा सभ्यता के लोग प्रकृति पूजक थे और वृक्षों तथा पशुओं (खासकर कूबड़ वाले सांड) की पूजा करते थे।

  48. हड़प्पा की रक्षा प्राचीर (Citadel Wall) को बनाने में पकी हुई ईंटों का भारी मात्रा में उपयोग किया गया था।

  49. हड़प्पा से एक बर्तन में ‘कांस्य गलाने’ (Bronze smelting) के साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं।

  50. हड़प्पा सभ्यता का पतन धीरे-धीरे जलवायु परिवर्तन, नदियों के मार्ग बदलने और सूखे के कारण माना जाता है।

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