“संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है, यह जीवन का एक माध्यम (Vehicle of Life) है और इसकी आत्मा हमेशा युग की भावना को दर्शाती है।” — डॉ. बी.आर. अंबेडकर
जब हम भारत के संविधान (Constitution of India) की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में एक मोटी किताब और डॉ. अंबेडकर की तस्वीर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस किताब को लिखने के पीछे कितना संघर्ष, कितनी बहसें और कितना धैर्य छिपा था?
यह दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसे तैयार करने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे।

1. संविधान की मांग: विचार कहां से आया?
संविधान सभा (Constituent Assembly) रातों-रात नहीं बनी थी। इसके पीछे दशकों का संघर्ष था।
1934 (पहली मांग): भारत में संविधान सभा के गठन का विचार सबसे पहले एम.एन. रॉय (M.N. Roy) ने रखा था। वे वामपंथी आंदोलन के प्रणेता थे।
1935 (कांग्रेस की मांग): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने पहली बार आधिकारिक रूप से संविधान सभा की मांग की।
1940 (अगस्त प्रस्ताव): ब्रिटिश सरकार ने पहली बार इस मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया, जिसे ‘अगस्त प्रस्ताव’ (August Offer) कहा गया।
1942 (क्रिप्स मिशन): सर स्टैफोर्ड क्रिप्स एक प्रस्ताव लेकर आए कि युद्ध (द्वितीय विश्व युद्ध) के बाद संविधान सभा बनेगी, लेकिन मुस्लिम लीग ने इसे खारिज कर दिया क्योंकि वे दो अलग देश चाहते थे।
आखिरकार, 1946 में कैबिनेट मिशन योजना (Cabinet Mission Plan) के तहत संविधान सभा का गठन हुआ।
कैबिनेट मिशन के तहत नवंबर 1946 में संविधान सभा बनी। उस समय की संख्या और गणित को समझना UPSC के लिए बहुत जरूरी है।
कुल सीटें: शुरुआत में कुल 389 सीटें तय की गईं।
296 सीटें: ब्रिटिश भारत (जहाँ अंग्रेजों का सीधा राज था)।
93 सीटें: देशी रियासतें (Princely States – जहाँ राजाओं का राज था)।
चुनाव कैसे हुआ? संविधान सभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने गए थे (No Direct Election)। उन्हें उस समय की प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों ने चुना था। यानी यह अप्रत्यक्ष चुनाव (Indirect Election) था। महात्मा गांधी और मोहम्मद अली जिन्ना को छोड़कर उस समय की लगभग सभी बड़ी हस्तियां इसमें शामिल थीं।
विभाजन का असर (Post-Partition): 1947 में जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, तो मुस्लिम लीग के सदस्य अलग हो गए। इससे संविधान सभा की सदस्य संख्या 389 से घटकर 299 रह गई।
3. संविधान सभा की कार्यप्रणाली (Working of the Assembly)
संविधान बनने की प्रक्रिया एक सिलसिलेवार तरीके से शुरू हुई। यहाँ तीन तारीखें सबसे महत्वपूर्ण हैं:
(A) पहली बैठक: 9 दिसंबर, 1946
संविधान सभा की पहली बैठक हुई। मुस्लिम लीग ने इसका बहिष्कार किया और अलग पाकिस्तान की मांग पर अड़ी रही।
बैठक में केवल 211 सदस्य शामिल हुए।
सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को ‘अस्थायी अध्यक्ष’ (Temporary President) चुना गया (फ्रांस की तर्ज पर)।
(B) दूसरी बैठक: 11 दिसंबर, 1946
इस दिन सभा ने अपने स्थायी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने:
अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद।
उपाध्यक्ष: एच.सी. मुखर्जी और वी.टी. कृष्णामचारी।
संवैधानिक सलाहकार: सर बी.एन. राव (B.N. Rau)।
(C) उद्देश्य प्रस्ताव: 13 दिसंबर, 1946
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ऐतिहासिक ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ (Objectives Resolution) पेश किया। इसमें बताया गया कि भारत का संविधान कैसा होगा—स्वतंत्र, संप्रभु, गणराज्य और न्यायपूर्ण।
यही ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ बाद में जाकर हमारे संविधान की प्रस्तावना (Preamble) बना।
इसे 22 जनवरी, 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
4. प्रमुख समितियां (Major Committees)
संविधान सभा ने काम को बांटने के लिए 8 बड़ी समितियां और कई छोटी समितियां बनाईं। UPSC प्रीलिम्स में अक्सर “समिति और उसके अध्यक्ष” का मिलान (Match the following) पूछा जाता है।
| समिति (Committee) | अध्यक्ष (Chairman) |
| संघ शक्ति समिति | जवाहरलाल नेहरू |
| संघीय संविधान समिति | जवाहरलाल नेहरू |
| प्रांतीय संविधान समिति | सरदार वल्लभभाई पटेल |
| प्रारूप समिति (Drafting Committee) | डॉ. बी.आर. अंबेडकर |
| मौलिक अधिकार समिति | सरदार पटेल |
| संचालन समिति | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
5. प्रारूप समिति (Drafting Committee): सबसे महत्वपूर्ण
सभी समितियों में सबसे अहम थी Drafting Committee, जिसका काम था नए संविधान का ‘ड्राफ्ट’ तैयार करना। इसका गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ था।
इसमें 7 सदस्य थे (इसे याद रखने की ट्रिक नीचे है):
डॉ. बी.आर. अंबेडकर (अध्यक्ष)
एन. गोपालस्वामी आयंगर
अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर
डॉ. के.एम. मुंशी
सैयद मोहम्मद सादुल्ला
एन. माधव राव (इन्होंने बी.एल. मित्तर की जगह ली)।
टी.टी. कृष्णामचारी (इन्होंने डी.पी. खेतान की जगह ली)।
याद रखने की ट्रिक: अंबेडकर के अलावा बाकी सदस्यों के नामों में भगवान ‘कृष्ण’ के पर्यायवाची छिपे हैं (गोपाल, कृष्णा, माधव, कृष्णामचारी)। मुंशी और सादुल्ला को अलग से याद कर लें।
6. संविधान का लागू होना (Enactment & Enforcement)
संविधान के लागू होने की दो अलग-अलग तारीखें हैं।
(A) 26 नवंबर, 1949 (संविधान दिवस)
इस दिन संविधान बनकर तैयार हुआ और संविधान सभा ने इसे अपनाया (Adopted)।
इस दिन नागरिकता, चुनाव और संसद से जुड़े कुछ अनुच्छेद (Articles 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324 आदि) तुरंत लागू कर दिए गए।
इसीलिए हम हर साल 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ (Constitution Day) मनाते हैं।
(B) 26 जनवरी, 1950 (गणतंत्र दिवस)
संविधान का बाकी हिस्सा (प्रमुख भाग) इस दिन लागू हुआ।
सवाल: 2 महीने का इंतजार क्यों किया गया?
जवाब: 1930 में इसी दिन (26 जनवरी) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ दिवस मनाया था। उस ऐतिहासिक दिन की याद में संविधान को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए 26 जनवरी की तारीख चुनी गई।
7. संविधान सभा की आलोचना (Criticism)
UPSC मेन्स में आपको आलोचनात्मक विश्लेषण (Critical Analysis) करना होता है। आलोचक क्या कहते हैं?
यह प्रतिनिधि निकाय नहीं थी: आलोचक कहते हैं कि इसके सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने गए थे (वयस्क मताधिकार नहीं था)।
संप्रभुता की कमी: यह ब्रिटिश सरकार के प्रस्ताव (कैबिनेट मिशन) से बनी थी और अपनी बैठकें ब्रिटिश इजाजत से करती थी।
समय की बर्बादी: अमेरिका का संविधान बनने में सिर्फ 4 महीने लगे, जबकि भारत को लगभग 3 साल लगे। आलोचक इसे “Drafting Committee” की जगह “Drifting Committee” कहते थे।
वकीलों का स्वर्ग (Paradise of Lawyers): संविधान की भाषा इतनी कठिन और कानूनी है कि आम आदमी इसे आसानी से नहीं समझ सकता। सर आइवर जेनिंग्स ने इसे “वकीलों का स्वर्ग” कहा था।
8. प्रीलिम्स के लिए कुछ रोचक तथ्य (Interesting Facts)
प्रतीक (Symbol): संविधान सभा की मुहर (Seal) पर हाथी (Elephant) का प्रतीक था।
सुलेखक (Calligrapher): मूल संविधान को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने अपने हाथों से इटैलिक स्टाइल में लिखा था (यह टाइप नहीं किया गया था)।
सजावट: मूल प्रति के पन्नों को शांति निकेतन के कलाकारों (नंदलाल बोस और ब्योहर राममनोहर सिन्हा) ने सजाया था।
हिंदी संस्करण: मूल संविधान का हिंदी सुलेखन वसंत कृष्ण वैद्य ने किया था।
मूल प्रति: संविधान की असली कॉपी आज भी संसद भवन की लाइब्रेरी में हीलियम (Helium) से भरे केस में सुरक्षित रखी है।
निष्कर्ष (Conclusion)
तमाम आलोचनाओं के बावजूद, भारतीय संविधान सभा ने एक ऐसा दस्तावेज तैयार किया जो विविधता से भरे भारत को एक सूत्र में पिरोए हुए है। जहाँ पाकिस्तान और म्यांमार जैसे पड़ोसियों के संविधान बार-बार फेल हुए, वहीं भारतीय संविधान आज भी लोकतंत्र की मशाल बनकर खड़ा है।
डॉ. अंबेडकर ने संविधान सभा में अपने आखिरी भाषण में कहा था:
“संविधान चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, यदि उसे लागू करने वाले लोग बुरे होंगे, तो वह निश्चित रूप से बुरा साबित होगा। और संविधान चाहे कितना भी बुरा क्यों न हो, यदि उसे लागू करने वाले लोग अच्छे होंगे, तो वह अच्छा साबित होगा।”
UPSC अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
Prelims Question: संविधान सभा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
इसके सदस्य सीधे भारत की जनता द्वारा चुने गए थे।
डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा इसके स्थायी अध्यक्ष थे। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? (a) केवल 1 (b) केवल 2 (c) 1 और 2 दोनों (d) न तो 1, न ही 2 (उत्तर: d)
Mains Question: “भारतीय संविधान सभा, वयस्क मताधिकार पर आधारित न होते हुए भी, भारत के लोगों का वास्तविक प्रतिनिधित्व करती थी।” टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. भारतीय संविधान को बनने में कुल कितना समय लगा? भारतीय संविधान को तैयार करने में कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा। इस दौरान संविधान सभा की कुल 11 बैठकें (Sessions) हुईं और लगभग 60 देशों के संविधानों का अध्ययन किया गया।
Q2. संविधान सभा का अध्यक्ष (Chairman) कौन था? यहाँ अक्सर कन्फ्यूजन होता है। स्थिति के अनुसार अध्यक्ष अलग-अलग थे:
अस्थायी अध्यक्ष (Temporary President): डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (9 दिसंबर 1946 को चुने गए)।
स्थायी अध्यक्ष (Permanent President): डॉ. राजेंद्र प्रसाद (11 दिसंबर 1946 को चुने गए)।
प्रारूप समिति के अध्यक्ष (Drafting Committee Chairman): डॉ. बी.आर. अंबेडकर।
Q3. भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को ही क्यों लागू किया गया? हालाँकि संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी को इसलिए लागू किया गया क्योंकि 1930 में इसी दिन कांग्रेस ने पहली बार ‘पूर्ण स्वराज’ (Purna Swaraj) दिवस मनाया था। उस ऐतिहासिक दिन को याद रखने के लिए यह तारीख चुनी गई।
Q4. संविधान की मूल प्रति (Original Copy) किसने लिखी थी? भारतीय संविधान को किसी मशीन से टाइप नहीं किया गया था। इसे प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने अपने हाथों से (Handwritten) इटैलिक स्टाइल में लिखा था। शांति निकेतन के कलाकारों ने इसके पन्नों को सजाया था।
Q5. भारतीय संविधान का पिता (Father of Constitution) किसे कहा जाता है? डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक या पिता कहा जाता है। वे प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष थे और संविधान के निर्माण में उनका योगदान सबसे महत्वपूर्ण था।
Q6. संविधान सभा में कुल कितनी महिलाएं शामिल थीं? संविधान सभा में कुल 15 महिला सदस्य थीं। इनमें सरोजिनी नायडू, सुचेता कृपलानी, राजकुमारी अमृत कौर और हंसा मेहता जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल थीं।