
“भारतीय संविधान की 12 अनुसूचियां हमारे संविधान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आज हम इन्हें एक जादुई ट्रिक से याद करेंगे…”
भारतीय संविधान दुनिया का सबसे विशाल लिखित संविधान है। जब 26 जनवरी 1950 को यह लागू हुआ, तो इसमें 395 अनुच्छेद (Articles) और 8 अनुसूचियां (Schedules) थीं।
लेकिन समय की मांग और राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से संविधान में कई संशोधन हुए। आज के समय में, हमारे संविधान में कुल 12 अनुसूचियां हैं।
अक्सर स्टूडेंट्स, चाहे वे UPSC की तैयारी कर रहे हों या SSC की, Schedules of Indian Constitution in Hindi को रटने की कोशिश करते हैं और एग्जाम हॉल में भूल जाते हैं। क्या 10वीं अनुसूची में पंचायत थी या दलबदल? क्या सिंधी भाषा मूल संविधान में थी?
आज के इस विस्तृत गाइड (Ultimate Guide) में हम न केवल इन 12 अनुसूचियों को समझेंगे, बल्कि उनके पीछे के इतिहास, विवादों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी गहराई से विश्लेषण करेंगे। साथ ही, हम आपको “TEARS OF OLD PM” वाली जादुई ट्रिक भी बताएंगे।
अनुसूची (Schedule) क्या होती है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
सबसे पहला सवाल यह आता है कि जब हमारे पास अनुच्छेद (Articles) थे, तो अनुसूचियों की जरूरत क्यों पड़ी?
सरल शब्दों में कहें तो अनुसूचियां (Schedules) संविधान के अंत में दी गई वे सूचियां हैं जो किसी अनुच्छेद की व्याख्या करती हैं।
उदाहरण: अनुच्छेद 1 कहता है कि “भारत राज्यों का संघ होगा”। लेकिन वे राज्य कौन से होंगे? उनके नाम क्या होंगे? उनकी सीमाएं क्या होंगी? यह सब अनुच्छेद 1 में लिखने से वह बहुत लंबा हो जाता। इसलिए संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 1 में लिख दिया— “राज्यों के नाम पहली अनुसूची में देखे जा सकते हैं।”
इस तरह अनुसूचियां हमारे संविधान को व्यवस्थित और पढ़ने में आसान बनाती हैं।
Master Trick: 12 अनुसूचियों को याद करने का मंत्र
आगे बढ़ने से पहले, इस ट्रिक को अपने दिमाग में बैठा लें। यह अंग्रेजी का एक वाक्य है: “TEARS OF OLD PM”
T – Territories (राज्य और केंद्रशासित प्रदेश)
E – Emoluments (वेतन और भत्ते)
A – Affirmation (शपथ और प्रतिज्ञान)
R – Rajya Sabha (सीटों का आवंटन)
S – Scheduled Areas (अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन)
O – Other Scheduled Areas (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम)
F – Federal Structure (शक्तियों का बंटवारा – 3 सूचियां)
O – Official Languages (22 भाषाएं)
L – Land Reforms (भूमि सुधार – जमींदारी उन्मूलन)
D – Defection (दलबदल कानून)
P – Panchayats (पंचायती राज)
M – Municipalities (नगर पालिकाएं)
Schedules of Indian Constitution in Hindi: विस्तृत विश्लेषण (1 से 12)
अब हम एक-एक करके सभी अनुसूचियों का “पोस्टमार्टम” करेंगे ताकि प्रीलिम्स हो या मेन्स, आपका कोई सवाल गलत न हो।
पहली अनुसूची (First Schedule) – देश का नक्शा
संबंधित अनुच्छेद: 1 और 4
विवरण: इसमें भारतीय संघ के घटक राज्यों (States) और केंद्रशासित प्रदेशों (Union Territories) के नाम और उनके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र का वर्णन है।
महत्वपूर्ण: जब भी कोई नया राज्य बनता है (जैसे 2014 में तेलंगाना) या किसी राज्य की सीमा बदलती है, तो सबसे पहले पहली अनुसूची में ही संशोधन करना पड़ता है। वर्तमान में इसमें 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं।
दूसरी अनुसूची (Second Schedule) – वेतन और भत्ते (The Money)
संबंधित अनुच्छेद: 59, 65, 75, 97, 125, 148, 158, 164, 186 और 221
विवरण: इसमें भारत के विशिष्ट पदाधिकारियों के वेतन, भत्ते और विशेषाधिकारों का उल्लेख है।
कौन शामिल है?
भारत का राष्ट्रपति
राज्यों के राज्यपाल
लोकसभा/विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
राज्यसभा/विधान परिषद के सभापति और उपसभापति
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज
CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक)
Exam Trick: ध्यान दें कि इसमें प्रधानमंत्री और मंत्रियों के वेतन का जिक्र नहीं है (क्योंकि उनका वेतन संसद समय-समय पर तय करती है)।
तीसरी अनुसूची (Third Schedule) – शपथ (Oaths)
संबंधित अनुच्छेद: 75, 84, 99, 124, 146, 173, 188 और 219
विवरण: पद ग्रहण करते समय ली जाने वाली शपथ का प्रारूप।
Exam Trap (सावधान रहें): इस अनुसूची में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल की शपथ का उल्लेख नहीं है।
राष्ट्रपति की शपथ: अनुच्छेद 60
उपराष्ट्रपति की शपथ: अनुच्छेद 69
राज्यपाल की शपथ: अनुच्छेद 159
बाकी सभी (मंत्री, जज, सांसद, विधायक) की शपथ तीसरी अनुसूची में है।
चौथी अनुसूची (Fourth Schedule) – राज्यसभा सीटें
संबंधित अनुच्छेद: 4 और 80
विवरण: इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए राज्यसभा में सीटों का बंटवारा किया गया है। यह बंटवारा जनसंख्या के आधार पर होता है।
तथ्य: सबसे ज्यादा सीटें उत्तर प्रदेश (31) के पास हैं। अमेरिका में हर राज्य को बराबर (2) सीटें मिलती हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है।
पांचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) – अनुसूचित क्षेत्र
संबंधित अनुच्छेद: 244(1)
विवरण: इसमें अनुसूचित क्षेत्रों (Scheduled Areas) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में प्रावधान हैं।
शक्ति: राज्यपाल को इन क्षेत्रों के लिए विशेष अधिकार प्राप्त हैं। वह संसद के किसी कानून को इन क्षेत्रों में लागू होने से रोक सकता है या बदल सकता है।
छठी अनुसूची (Sixth Schedule) – पूर्वोत्तर के 4 राज्य
संबंधित अनुच्छेद: 244(2) और 275(1)
विवरण: यह अनुसूची 4 विशिष्ट पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। यहाँ ‘स्वायत्त जिला परिषदों’ (ADCs) का गठन किया जाता है।
Trick: “AMTM”
A – Assam (असम)
M – Meghalaya (मेघालय)
T – Tripura (त्रिपुरा)
M – Mizoram (मिजोरम)
नोट: इसमें मणिपुर शामिल नहीं है। अक्सर एग्जाम में मणिपुर देकर फंसाया जाता है।
सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) – शक्तियों का बंटवारा
संबंधित अनुच्छेद: 246
विवरण: संघीय ढांचे को मजबूत करने के लिए इसमें केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों को 3 सूचियों में बांटा गया है:
| सूची का नाम | मूल विषय (1950) | वर्तमान विषय | कानून बनाने का अधिकार | प्रमुख विषय |
| संघ सूची (Union List) | 97 | 100 | केवल केंद्र सरकार (संसद) | रक्षा, रेलवे, विदेश मामले, बैंकिंग, जनगणना |
| राज्य सूची (State List) | 66 | 61 | केवल राज्य सरकार | पुलिस, कृषि, जेल, लोक स्वास्थ्य, शराब |
| समवर्ती सूची (Concurrent) | 47 | 52 | केंद्र और राज्य दोनों | शिक्षा, वन, विवाह-तलाक, बिजली |
महत्वपूर्ण संशोधन: 42वें संशोधन (1976) द्वारा 5 विषयों (शिक्षा, वन, नापतोल, वन्यजीव संरक्षण, न्याय प्रशासन) को राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में डाल दिया गया।
आठवीं अनुसूची (Eighth Schedule) – भाषाएं
संबंधित अनुच्छेद: 344 और 351
विवरण: संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त आधिकारिक भाषाएं।
इतिहास:
मूल संविधान में: 14 भाषाएं थीं।
1967 (21वां संशोधन): सिंधी जोड़ी गई।
1992 (71वां संशोधन): कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली (Trick: नमक/KMN) जोड़ी गईं।
2003 (92वां संशोधन): बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली (Trick: BDMS) जोड़ी गईं।
वर्तमान कुल: 22 भाषाएं।
खास बात: अंग्रेजी (English) और राजस्थानी इसमें शामिल नहीं हैं।
संशोधन द्वारा जोड़ी गई नई अनुसूचियां (9 से 12)
मूल संविधान में केवल 8 अनुसूचियां थीं। बाद की 4 अनुसूचियां अलग-अलग संशोधनों के जरिए जोड़ी गईं।
नौवीं अनुसूची (Ninth Schedule) – भूमि सुधार (1951)
संशोधन: पहला संविधान संशोधन, 1951 (नेहरू जी के समय)।
उद्देश्य: जमींदारी प्रथा को खत्म करना और भूमि सुधार कानूनों को लागू करना।
विवाद: इसे इसलिए बनाया गया था ताकि इसमें डाले गए कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती न दी जा सके (Judicial Review से बाहर)।
आई.आर. कोएल्हो केस (2007): सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया कि 24 अप्रैल 1973 (केशवानंद भारती केस) के बाद जो भी कानून 9वीं अनुसूची में डाले गए हैं, उनकी न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) हो सकती है अगर वे मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं।
दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule) – दलबदल कानून (Anti-Defection Law)
संशोधन: 52वां संविधान संशोधन, 1985 (राजीव गांधी के समय)।
उद्देश्य: “आया राम, गया राम” की राजनीति को रोकना। अगर कोई सांसद या विधायक अपनी पार्टी के व्हिप (Whip) के खिलाफ वोट करता है या पार्टी छोड़ता है, तो उसकी सदस्यता रद्द हो जाएगी।
निर्णय: सदस्यता रद्द करने का फैसला सदन का अध्यक्ष (Speaker) करता है।
ग्यारहवीं अनुसूची (Eleventh Schedule) – पंचायती राज
संशोधन: 73वां संविधान संशोधन, 1992।
विवरण: इसमें पंचायतों की शक्तियां और जिम्मेदारियां बताई गई हैं।
विषय: इसमें कुल 29 विषय (Matters) हैं। (जैसे- ग्रामीण सड़कें, कृषि, पीने का पानी)।
बारहवीं अनुसूची (Twelfth Schedule) – नगर पालिकाएं
संशोधन: 74वां संविधान संशोधन, 1992।
विवरण: इसमें शहरी स्थानीय निकायों (Municipalities) की जिम्मेदारियां हैं।
विषय: इसमें कुल 18 विषय हैं। (जैसे- शहरी नियोजन, सीवेज, पार्क)।
FAQ: Schedules of Indian Constitution in Hindi
Q1. क्या 9वीं अनुसूची में शामिल कानूनों को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है? हां, 2007 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, 1973 के बाद शामिल किए गए कानूनों की समीक्षा हो सकती है यदि वे संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन करते हैं।
Q2. अंग्रेजी भाषा 8वीं अनुसूची में शामिल क्यों नहीं है? अंग्रेजी भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक है (Article 343 के तहत सहयोगी भाषा), लेकिन यह 8वीं अनुसूची में वर्णित 22 भारतीय भाषाओं में शामिल नहीं है क्योंकि यह मूल रूप से विदेशी भाषा मानी जाती है।
Q3. 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्यता का फैसला कौन करता है? लोकसभा में स्पीकर (Speaker) और राज्यसभा में सभापति (Chairman)। हालांकि, उनके फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है (किहोतो होलोहन केस, 1992)।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारतीय संविधान की ये 12 अनुसूचियां हमारे लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को परिभाषित करती हैं। पहली अनुसूची जहाँ देश की सीमा तय करती है, वहीं 11वीं और 12वीं अनुसूची लोकतंत्र को गांव के अंतिम व्यक्ति तक ले जाती है।
UPSC, SSC CGL, या State PSC की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए Schedules of Indian Constitution in Hindi को समझना बेहद जरूरी है। हमें उम्मीद है कि “TEARS OF OLD PM” ट्रिक से अब आप इन्हें कभी नहीं भूलेंगे।
अगर आप संविधान के निर्माण की पूरी कहानी जानना चाहते हैं, तो हमारा पिछला लेख [Making of Indian Constitution ] जरूर पढ़ें।