पर्यावरण के घटक (Components of Environment): जैविक एवं अजैविक घटक | 40+ UPSC/PSC नोट्स

पर्यावरण के घटक

पर्यावरण के घटक: जीवन का आधार

हमारा पर्यावरण कोई एक अकेली वस्तु नहीं है, बल्कि यह सजीवों (Living) और निर्जीवों (Non-living) का एक अत्यंत जटिल और संतुलित नेटवर्क है। विज्ञान और पारिस्थितिकी (Ecology) की भाषा में, कोई भी जीव अपने आस-पास की जिन चीजों से प्रभावित होता है और जिन्हें वह स्वयं प्रभावित करता है, वे सभी ‘पर्यावरण के घटक’ कहलाते हैं।

सिविल सेवा परीक्षाओं (UPSC/PSC) में इन घटकों के वैज्ञानिक पहलुओं, विशेषकर मिट्टी (Soil), प्रकाश (Light) और जीवों के आपसी संबंधों से हर साल प्रश्न पूछे जाते हैं। आइए, पर्यावरण के इन बुनियादी स्तंभों को विस्तार से समझते हैं।

पर्यावरण के मुख्य घटक (Main Components of Environment)

अध्ययन की सुविधा के लिए हम पर्यावरण के घटकों को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित करते हैं:

  1. अजैविक या भौतिक घटक (Abiotic / Physical Components)

  2. जैविक घटक (Biotic Components)

  3. ऊर्जा घटक (Energy Components)

1. अजैविक या भौतिक घटक (Abiotic Components)

‘अजैविक’ का अर्थ है— “जिसमें जीवन न हो।” ये पर्यावरण के वे सभी निर्जीव (Non-living) और भौतिक तत्व हैं जो सजीवों के जीवित रहने के लिए मंच (Base) और कच्चा माल प्रदान करते हैं।

  • A. तापमान (Temperature): यह जीवों के वितरण को तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक है। हर जीव एक निश्चित तापमान में ही जीवित रह सकता है।

  • B. जल (Water): पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति भी सबसे पहले जल में ही हुई थी। किसी भी क्षेत्र में कितनी वनस्पति होगी, यह सीधे तौर पर वहां होने वाली बारिश पर निर्भर करता है।

  • C. प्रकाश (Light): सूर्य का प्रकाश ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। पौधे सूर्य के प्रकाश में ही ‘प्रकाश संश्लेषण’ (Photosynthesis) द्वारा अपना भोजन बनाते हैं।

  • D. मृदा या मिट्टी (Soil / Edaphic Factors): मिट्टी पौधों को खनिजों (Minerals) और पानी की आपूर्ति करती है। मिट्टी के अध्ययन को ‘पेडोलॉजी’ (Pedology) कहा जाता है।

  • E. वायुमंडलीय गैसें (Atmospheric Gases): ऑक्सीजन (O2) श्वसन के लिए, कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) भोजन निर्माण के लिए और नाइट्रोजन (N2) प्रोटीन निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

2. जैविक घटक (Biotic Components)

‘जैविक’ का अर्थ है— “सजीव।” पर्यावरण के वे सभी घटक जिनमें प्राण (Life) होता है, जैविक घटक कहलाते हैं। इन्हें तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा जाता है:

A. उत्पादक (Producers / Autotrophs):

इन्हें ‘स्वपोषी’ भी कहा जाता है। ये वे जीव हैं जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।

  • हरे पौधे और शैवाल: ये प्रकाश संश्लेषण करते हैं और पूरे पारिस्थितिक तंत्र के लिए भोजन का उत्पादन करते हैं।

B. उपभोक्ता (Consumers / Heterotrophs):

इन्हें ‘परपोषी’ कहा जाता है। ये अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पौधों पर निर्भर रहते हैं।

  1. प्राथमिक उपभोक्ता (Primary Consumers): ये पूरी तरह शाकाहारी (Herbivores) होते हैं। (उदाहरण— गाय, हिरण, टिड्डा)।

  2. द्वितीयक उपभोक्ता (Secondary Consumers): ये मांसाहारी होते हैं जो प्राथमिक उपभोक्ताओं को खाते हैं। (उदाहरण— मेंढक, लोमड़ी)।

  3. तृतीयक / सर्वोच्च उपभोक्ता (Tertiary / Top Consumers): ये खाद्य श्रृंखला में सबसे ऊपर होते हैं। (उदाहरण— शेर, बाघ, चील)।

  • (नोट: मनुष्य और भालू सर्वाहारी (Omnivores) की श्रेणी में आते हैं, जो पौधे और मांस दोनों खाते हैं)।

C. अपघटक (Decomposers / Saprotrophs):

इन्हें प्रकृति का ‘सफाईकर्मी’ कहा जाता है। ये मुख्य रूप से सूक्ष्म जीव (Micro-organisms) होते हैं।

  • कार्य: जब पौधे या जानवर मर जाते हैं, तो अपघटक उनके मृत शरीर को सड़ा-गला कर वापस सरल खनिजों में तोड़ देते हैं और मिट्टी में मिला देते हैं।

  • उदाहरण: कवक (Fungi) और जीवाणु (Bacteria)।

3. ऊर्जा घटक (Energy Component)

बिना ऊर्जा के पर्यावरण का कोई भी घटक काम नहीं कर सकता।

  • सौर ऊर्जा (Solar Energy): यह पृथ्वी के इकोसिस्टम को चलाने वाला मुख्य इंजन है।

  • भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy): पृथ्वी के गर्भ (Core) से निकलने वाली गर्मी।

परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision Notes)

  • मिट्टी, जल, वायु और प्रकाश पर्यावरण के अजैविक (भौतिक) घटक हैं।

  • पौधे, जीव-जंतु और सूक्ष्मजीव पर्यावरण के जैविक घटक हैं।

  • मिट्टी के वैज्ञानिक अध्ययन को पेडोलॉजी (Pedology) कहा जाता है।

  • अपना भोजन स्वयं बनाने वाले हरे पौधों को स्वपोषी (Autotrophs) कहा जाता है।

  • पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य का प्रकाश है।

  • प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की क्रिया में पौधे कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) ग्रहण करते हैं और ऑक्सीजन (O2) छोड़ते हैं।

  • समुद्री पारिस्थितिक तंत्र में प्राथमिक उत्पादक फाइटोप्लैंकटन (Phytoplankton) होते हैं।

  • टिड्डा, बकरी और हिरण प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी) की श्रेणी में आते हैं।

  • शेर, बाघ और बाज तृतीयक या सर्वोच्च उपभोक्ता माने जाते हैं।

  • प्रकृति के सफाईकर्मी या अपघटक (Decomposers) के रूप में कवक (Fungi) और जीवाणु (Bacteria) कार्य करते हैं।

  • ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है (उत्पादक से उपभोक्ता की ओर)।

  • खनिजों (Nutrients) का प्रवाह हमेशा चक्रीय (Cyclic) होता है (मिट्टी से पौधे, पौधों से जीव, जीव से वापस मिट्टी)।

  • जिन पौधों को बहुत अधिक सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है, उन्हें हेलियोफाइट्स (Heliophytes) कहते हैं।

  • छाया (Shade) में उगने वाले पौधों को सियोफाइट्स (Sciophytes) कहा जाता है।

  • जो पौधे पानी की कमी वाले रेगिस्तानी क्षेत्रों में उगते हैं, उन्हें मरुद्भिद (Xerophytes) कहते हैं।

  • खारे पानी या दलदली मिट्टी में उगने वाले पौधों को लवणमृदोद्भिद (Halophytes) कहते हैं।

  • चट्टानों पर उगने वाले पौधों को लिथोफाइट्स (Lithophytes) कहा जाता है।

  • पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का स्थानांतरण ’10 प्रतिशत के नियम’ (10% Law) के अनुसार होता है, जिसे लिंडमैन ने दिया था।

  • घटपर्णी (Pitcher Plant) एक कीटभक्षी पौधा है, जो मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी को पूरा करने के लिए कीड़ों को खाता है।

  • लाइकेन (Lichen) कवक (Fungi) और शैवाल (Algae) का एक सहजीवी (Symbiotic) संबंध है।

निष्कर्ष

पर्यावरण के जैविक और अजैविक घटक एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हवा, पानी और मिट्टी (अजैविक) के बिना किसी भी जीव (जैविक) का अस्तित्व संभव नहीं है, और जीवों के बिना मिट्टी में उपजाऊपन या हवा में गैसों का संतुलन संभव नहीं है। इन दोनों घटकों के बीच सामंजस्य बनाए रखना ही पृथ्वी पर जीवन को बचाने का एकमात्र मार्ग है।

अभ्यास प्रश्न (UPSC & State PSC Prelims Level)

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन पर्यावरण का एक ‘अजैविक’ (Abiotic) घटक नहीं है? (A) प्रकाश (B) जल (C) जीवाणु (Bacteria) (D) तापमान

उत्तर: (C) जीवाणु (यह एक सजीव और अपघटक है, इसलिए यह जैविक घटक है)

प्रश्न 2: प्रकृति के ‘अपघटक’ (Decomposers) का मुख्य कार्य क्या है? (A) सूर्य के प्रकाश से भोजन बनाना (B) जटिल कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर वापस मिट्टी में मिलाना (C) प्राथमिक उपभोक्ताओं का शिकार करना (D) वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ना

उत्तर: (B) जटिल कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर वापस मिट्टी में मिलाना

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